Tuesday, November 1, 2016

‘गुनिया’ से ‘बदगुनिया’

आप शाकाहारी है या मांसाहारी , इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता । भले ही ‘चिकन’ आपने कभी ना छुआ हो , लेकिन ‘चिकनगुनिया’ की गिरफ्त से आप अछूते रहेंगे , इसकी कोई गारंटी नहीं दी जा सकती । इस नानवेज बीमारी में आपके सारे जोड़ों को ‘बदगुनिया’ करने की बेमिसाल काबलियत है ।
‘गुनिया’ से ‘बदगुनिया’ बनने की प्रक्रिया में कुछ घंटे ही लगते हैं , लेकिन ‘वापसी’ करने में महीने लग सकते हैं । इस मुगालते में मत रहियेगा कि ‘दिवाली’ की धमक से इनके वाहकों की विदाई हो गई है । उनकी गुनगुनाहट आप अभी भी महसूस कर सकते हैं । इस बहुप्रतीक्षित विदाई के लिए आपको 15 डिग्री तक तापमान के आने का इंतज़ार तो करना ही होगा । तब तक बच सकते हैं, बचने के प्रयास जारी रखिये । जो नहीं बच सके , उनके द्वारा इस दौरान किये गए विभिन्न दर्दमंद आसनों के लिए एक बड़ा वाला सैल्यूट ।

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