खामोश ! बिलकुल खामोश ! आपको इतनी सी बात भी समझ में नहीं आ
रही है । अभी ISIISI वाले भईया बिरयानी khखा रहे हैं , और आप
नाहक चिल्लपों में मगन हैं । ना जाने कितने सालों तक नाजायज़ घुसपैठ के बाद पहली
बार तो जायज़ घुसपैठ की इजाजत मिली है । इसमें भी आप ख्वामाख्वाह का ड्रामा क्रिएट
किये हुए हैं । आखिर अनगिनत मौतों और तबाहियों का इनाम कुछ तो मिलना ही चाहिए । अब
अगर फ़क़त बिरयानी खिला कर काम चल रहा है , तो उसमें भी आपको बेचैनी हो रही है ।
ओह्ह आपने फिर बोलना शुरू कर दिया । भाई खामोश हो जाइये । अभी हमारे पाकिस्तानी
मेहमान ऐसी जगह पर हैं जहाँ आम भारतीय को भी सुरक्षा की दृष्टि से जाने की इज़ाज़त
नहीं है । इसलिये आपकी यह आवाज़ सुरक्षा की दृष्टि से उचित नहीं है । अब आप भी
खामोश हो जाइये , या फिर राष्ट्रहित में इस बिरयानी कार्यक्रम का जयगान शुरू कर
दीजिये । जय हो !

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